टूटे हुए सपने
भारत को खंड खंड करने वाले तो चले गए लेकिन अपनी सोच छोड़ गए।
वही सोच अब आतंकवाद और जिहाद बन गया है। धर्म निरपेक्ष के चक्कर में भारतीयों को उलझा दिआ और खुद डेरा डाल लिए भारत में।
भारत का संविधान किसने बनाया? अंग्रेज़ों के ज़माने से चलता आ रहा कानून अब क्या भारतीयों की आवश्यकता है?
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